ये जो हालात है, एक दिन सुधर जाएंगे,पर कुछ लोग दिल से उतर जाएंगे।
हालात ही ऐसे है कि आँसू छलक आते है,दे कर के लाखो गम, सभी दिल को दुखाते है,मैं आज तलक ना समझ पाया हु मेरे खुदा,मेरे किये अहसानों को सब क्यों भूल जाते है|
उन घरो में जहाँ मिट्टी के घड़े रहते हैं,
कद में छोटे हो, मगर लोग बड़े रहते हैं.
ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं
यह तो एहसास के पक्के धागे हैं
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं
लगता है मैं 💁🏻♂️भूल चुका हूँ मुस्कुराने 🤗 का हुनर…
कोशिश जब भी करता हूँ आँसू 😥 निकल आते हैं..!