बड़े खूबसूरत हैं तेरे एहसास के धागे,
बंधे रहते हैं मुझसे बिना बांधे!
कुछ यूँ उतर गए हो मेरी रग-रग में तुम,कि खुद से पहले एहसास तुम्हारा होता है।
उसने कहा चले जाओ
मेरी ज़िन्दगी से,
मेने कहा कौन हो तुम
भाईसाहब!!
मोहब्बत में दिल का हर एहसास बहुत अनमोल है… कौन कहता है यह के मोहब्बत हमें, सिर्फ जुदाई देगी…
खुद नहीं जानते कितनी प्यारे हो आप,
जान हो हमारी पर जान से प्यारे हो आप,
दूरियों के होने से कोई फर्क नही पड़ता,
कल भी हमारे थे और आज भी हमारे हो आप।