आपकी याद आती रही रात भर,
बेखुदी में हंसाती रही रात भर,
चांद मेरे संग सफर में ही रहा,
चांदनी गुनगुनाती रही रात भर 🥰
यहाँ से ढूंढ़ कर ले जाये कोई तो मुझ को। जहाँ मैं ढूंढने निकला था बेख़ुदी में तुझे।
तेरी बेखुदी में लाखो पैगाम लिखते है, तेरे गम में जो गुजरी बातें तमाम लिखते है, अब तो पागल हो गई वो कलम, जिस से हम तेरा नाम लिखते है!!
बेखुदी में बस एक इरादा कर लिया इस दिल की चाहत को हद से ज्यादा कर लिया जानते थे वो इसे निभा न सकेंगे पर उन्होंने मजाक और हमने वादा कर लिया।
Aa Bichadne Ka Koi Aur Tareeqa DhoodhenPyyar Badhta Hai Meri Jaaan Khafa Rahne Se