जब कोई किसी का साथ छोड़ता है,
तो सिर्फ आँखे नही दिल भी रोता है !
तेरी बेवफाई का सौ बार शुक्रिया,
मेरी जान छूटी…इश्क़-ऐ-बवाल से.
वो साथ थी तो मानो जन्नत थी जिंदगी दोस्तों,
अब तो हर सांस जिंदा रहने कि वजह पूछती है।
Ulfat Mein Kabhi Yeh Haal Hota Hai;
Aankhen Hasti Hain Magar Dil Rota Hai;
Mante Hain Hum Jisse Manzil Apni;
Humsafar Uska Koi Aur Hota Hai!
माना कि मोहब्बत की ये भी एक हकीकत है फिर भी,
जितना तुम बदले हो उतना भी नहीं बदला जाता।