वाकिफ़ तो रावण भी था अपने अंजाम से,
मगर ज़िद्द थी उसकी अपने अंदाज़ में जीने की..!!
उन घरो में जहाँ मिट्टी के घड़े रहते हैं,
कद में छोटे हो, मगर लोग बड़े रहते हैं.
अगर तुम अपने पापा की “परी”हो, तो हम भी अपने बाप के “नवाब” है !
बे-फिजूली की जिंदगी का सिल-सिला ख़त्म,जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम।
इतना Attitude मत दिखा पगली, मेरे फोन की बैटरी भी तुझसे ज्यादा Hot है.