बस यूँ ही मेरे मुस्कुराने की तुम वजह बने रहना, जिंदगी में न सही,
मगर मेरी जिंदगी बने रहना।
शायरी सर्दी की ठिठुरती रात में फुटपाथ पर अरमान है
दिलबर मुझे छोड़के किसी और पे मेहरबान है.....
तोड़ा कुछ इस अदा से तालुक़ उस ने ग़ालिब,कि सारी उम्र हम अपना क़सूर ढूँढ़ते रहे।
घुटन क्या चीज़ है, ये पूछिये उस बच्चे से
जो काम करता हैं ,इक खिलोने की दुकान पर...
Palak jhuka kar salam karte hai,
Dil ki dua apke nam karte hai,
Kabul ho agar to muskura dena,
Hum yeh pyara sa din apke naam karte hai.