ये मोहब्बत है जनाब कितनी भी
तकलीफ दे मगर सुकून भी उसी
की बाहों में मिलता है।
सुना है, खुदा के दरबार से कुछ फ़रिश्ते फरार हो गए,
कुछ तो वापस चले गए, और कुछ हमारे यार हो गए
मुझे तलाश हैं एक रूह की, जो मुझे दिल से प्यार करे
वरना इंसान तो पेसो से भी मिल जाया करते हैं |
वो शायद मतलब से मिलते हैं,
मुझे तो मिलने से मतलब है.!
हर किसी के नसीब मेँ कहाँ लिखी है चाहतेँ,
कुछ लोग दुनिया मेँ आते है फ़कत तन्हाइयों के लिये॥