बहारों में बहार बसंत मीठा मौसम
मीठी उमंग रंग बिरंगी उड़ती आकाश में पतंग
तुम साथ हो तो है इस ज़िंदगी का
और ही रंग हैप्पी बसंत पंचमी
उड़े पतंग आस्मां में सबकी निराली
पीली, लाल, हरी, नीली और काली,
आओ मिलकर हम सब वसंत मनाएं,
द्वार पर अपने रंगीली रंगोली सजाएं।
सूरज हर शाम को ढल ही जाता है ,
पतझड बसंत में बदल ही जाता हे ,
मेरे मन मुसीबत में हिम्मत मत हारना
समय कैसा भी गुजर ही जाता है…
वीणा लेकर हाथ मे,
सरस्वती हो आपके साथ मे,
मिले माँ का आशीर्वाद हर दिन,
मुबारक़ हो आपको सरस्वती पूजा का ये दिन।
सरस्वती पूजा और बसंत पंचमी की शुभ कामनायें!
हलके-हलके से हो बादल, खुला-खुला सा आकाश,
मिल कर उड़ाएं पतंग अमन की,
आओ फैलायें खुशियों का पैगाम।
बसंत पंचमी की शुभकामनाएं!