जो वक़्त तेरे साथ में बिताते थे | आज तेरी याद में बिताते है |
ये मत समझना हम भूल गये तुम्हे | फर्क सिर्फ इतना है |
जो वक़्त हष के बीतते आज रोके बिताते है |
समझदार बनने की कोशिश में शरारत
भी खो बैठे
अब इस समझदारी में सबको साजिश नजर
आती है…
ज़िदगी जीने के लिये मिली थी,
लोगों ने सोच कर गुज़ार दी……
जब भी विंटर सीजन आती हैं,
कसम से तेरी याद बहुत आती हैं,
दिल सोचता है मेरा बार-बार
मेरा इनर कब लौटाओगे यार…
Happy Happy Winter Season
Ek raat dhadkan ne aankh se pucha.
tu dosti me itni kyu khoi hai?
Tab dil se awaj aayi doston ne hi
saari khusiyan di hai,
warna pyar karke toh ankh royi hai..