आज खुदा ने फिर पूछा
तेरे हस्ता चेहरा उदास क्यों है।
तेरी आंखों में प्यास क्यों है।
जिस के पास तेरे लिए वक़्त ही नहीं
वही तेरे लिए खास क्यों है।
शाम भी खास है, वक़्त भी खास है,
तुझको भी एहसास है, तो मुझको भी एहसास है,
इससे जयादा मुझे और क्या चाहिए,
जब मैं तेरे पास, और तु मेरे पास है
Naa zaroorat hai chaand-sitaron ki,Naa zaroorat hai faltu yaaron ki,Ek dost chahiye apke jaisa,Jo watt laga de Hazaron ki…
Tum Laut k anay ka takalluf mat
Karna,
Hum Ek mohabbat ko Do baar Nahi kartay…
कुछ अल्फ़ाज़ की तरतीब से बनती है शायरी
कुछ चेहरे भी मुकम्मल ग़ज़ल हुआ करते हैं