तेरी खुबसुरती को कैसे करूँ शब्दों में बयाँ,
जब भी तुझे देखा है तो लगा है कुछ नया।
Love You Babu
यूं तो तेरी महफिल में हमे चाहने वालो की कमी नहीं,पर हम तुझे चाहने में कोई खता करें ये भी तो हमें गवारा नही।
ये कैसा सरूर है तेरे इश्क का मेरे मेहरबाँ,
सँवर कर भी रहते हैं बिखरे बिखरे से हम!
तेरी साँसों में बिखर जाऊं तो अच्छा है,
बन के रूह तेरे जिस्म मे उतार जाऊं तो अच्छा है,
किसी रात तेरी गोद में सर रख कर सो जाऊं,
उस रात की कभी सुबह ना हो तो अच्छा है
गलत सुना था कि
मोहब्बत आँखों से होती है,
दिल तो वो भी चुरा लेते हैं
जो पलकें नहीं उठाते!!