“साक्षात गीता में लिखा है – निराश मत होना
कमजोर तुम्हारा समय है तुम नहीं”
कामयाब होने वाले इंसान हमेशा खुश रहते हैं
और जो खुश रहते हैं वही कामयाब होते हैं..
“ज़िंदगी” की “तपिश” को
“सहन” कीजिए “जनाब”,
अक्सर वे “पौधे” “मुरझा” जाते हैं,
जिनकी “परवरिश” “छाया” में होती हैं…
अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
मुस्कुराना एक कला है
जिसने इस कला को सीख लिया
वो जीवन में कभी दुखी हो ही नहीं सकता