सिर्फ आपका इंतज़ार है साहिब !!
ले गया छीन के कौन आज तेरा सब्रो-करार;
जिस जिसका मैं हुआ नहीं
उसकी जिंदगी सवर गयी
मैं राह देखता रहा जाने किसकी
और इन्ही राहों पे ये जिंदगी गुजर गयी
तुम इक घड़ी, इक पल, इक लम्हा..मेरे साथ बिताने का वादा तो करो..मैं हँस कर कई साल, कई सदियाँ...कई जिंदगी तुम्हारा इंतजार कर लूँगा.!!
मैं आप के बारे में सोच रहा था,
और मुझे आश्चर्य हुआ कि आप
कितनी देर तक मेरे ज़हन में थे
तब मुझे एहसास हुआ: जबसे आप
मुझे मिले, आपने कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा!!
देखकर मेरी आँखें एक फकीर कहने लगा,
पलकें तुम्हारी नाज़ुक है,
खवाबों का वज़न कम कीजिये...!