तेरे गुणों का गुणगान, मैं हरदम यूं ही करती रहूं।
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
तुझको नमन ऐ मेरे वतन, महिमा तेरी मैं क्या कहूं?
Kuchh Nasha TIRANGE ki Aan kaa hai,
Kuchh Nasha MATRABHUMI ki Shaan ka hai,
Lahrayenge Hum har Jagah yeh TIRANGA,
Nasha Yeh HINDUSTAN ki Shaan kaa hai.
क्यों मरते हो यारो सनम के लिए,ना देगी दुप्पटा कफ़न के लिए,मरना है तो मारो वतन के लिए,तिरंगा तो मिलेगा कफ़न के लिए.
आओ झुक के सलाम करें उनको,जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,खुशनसीब होता है वो खून,जो देश के काम आता है.