दुनिया आपको जब तक नही हरा सकती,
जब तक आप खुद से न हार जाओ।
एक दुआ मंगाते हैं हम अपने भगवान् से,
चाहते हैं आपकी ख़ुशी पुरे ईमान से,
सब हसरतें पूरी हो आपकी,
और आप मुस्कुराएँ दिलों जान से।
एक दिन सागर ने नदी से पुछा- कब तक मिलती रहोगी मुझ खारे पानी से।
नदी ने हस कर कहा – जब तक तुझमे मिठास न आ जाये।
किस एक विचार को अपने जीवन का लक्ष्य बनाओ,
कुविचारों का त्याग कर केवल उसी विचार बारे में सोचो,
तुम पाओगे कि सफलता तुम्हारे कदम चूम रही है।
मनुष्य को चाहिए कि दुराचारी, कुदृष्टि वाले, बुरे स्थान में रहने वाले और दुर्जन मनुष्य के साथ मित्रता न करें,
क्योंकि इनके साथ मित्रता करने वाला मनुष्य शीघ्र ही नष्ट हो जाता है....!!!