ठंड की धूप,तुम्हारे चेहरे से टकराई,बर्फ हुए दिल में,फिर से जान आ गई l
लोग रूप देखते है ,हम दिल देखते है ,लोग सपने देखते है हम हक़ीकत देखते है,लोग दुनिया मे दोस्त देखते है,हम दोस्तो मे दुनिया देखते है
खुद नहीं जानते कितनी प्यारे हो आप,
जान हो हमारी पर जान से प्यारे हो आप,
दूरियों के होने से कोई फर्क नही पड़ता,
कल भी हमारे थे और आज भी हमारे हो आप।
बड़ी ख़ामोशी से गुज़र जाते हैं हम एक दूसरे के करीब से..फिर भी दिलों का शोर सुनाई दे ही जाता है…!!
एक रास्ता ये भी है मंजिलों को पाने का,
सीख लो तुम भी हुनर हाँ में हाँ मिलाने का।