फिरते हैं कब से दरबदर अब इस नगरअब उस नगर एक दूसरे के हमसफ़र मैंऔर मेरी आवारगी!
आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा
Khuda Mujh Par Ek Nazar Kar De, Us Ajnabi Ko Mera Humsafar Kar De, Jab Bhi Wo Saans Le Use Mera Naam Sunaai De, Meri Chaahat Ka Us Par Is Kadar Asar Kar De.
तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नजर आता है, मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नजर आता है, कैसी उदास है जिंदगी... बिन तेरे... हर लम्हा, मेरे हर लम्हे में तेरी मौजूदगी का अहसास नजर आता है।
गगन से भी ऊंचा मेरा प्यार हैतुझी पर मिटूंगा ये इकरार हैतू इतना समझ ले मेरे हमसफ़रतेरे प्यार से मेरा संसार है