दीवानगी का सितम तो देखो
कि धोखा मिलने के बाद भी
चाहते है हम उनको .
Na Waqif The Hum Chahat K Asulon Se, Is Liye Barbaad Huye…..
Na Usne Apna Banaya Na Kisi Aur K Qabil Chodha..
हमारी तड़प तो कुछ
भी नही है हुजुर
सुना है कि उसके दिदार के
लिए तो आईना भी तरसता है
Kabhi udaas ho jayo
to btana tumhay
fir se apna dil denge
tumhe khelne k liye
मत पूछ कैसे गुज़र रहा है हर पल मेरा तेरे बिना,कभी बात करने की हसरत कभी मिलने की तमन्ना…