परवाह, आदर और थोड़ा समय
यही वो दौलत है जो अक्सर,
हमारे अपने हमसे चाहते हैं
शुभ प्रभात
ऐ हसीन चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना,
लाखो तारों की सजी महेफिल संग रोशनी करना,
तुम छुपा लेना अँधेरे को ऐसे,
हर रात के बाद एक खुबसूरत सँवेरा देना.
जिस प्रभात से, परमात्मा का स्मरण हो जाये,
वह प्रभात, सुप्रभात हो जाता है।
कुछ लम्हों की ज़िन्दगी है, ज़ी लो इसे खुशनसीबों के जैसा,
महकते रहो सदा फूलों के जैसा, अगर बिखरो तो बिखरो खुशबू के जैसा।
शुभ प्रभात..
एक सुखद जीवन के लिए,
दिमाग में सत्यता, चेहरे पर प्रसन्नता
और हृदय में पवित्रता बहुत जरूरी हैं