जिंदगी वो हिसाब है,जिसे पीछे जाकर सही नहीं किया जा सकता,इसलिए आज में ही सुधार करेंऔर पुरानी बातों को अनुभव की तरह इस्तेमाल करें
एक दिन सागर ने नदी से पुछा- कब तक मिलती रहोगी मुझ खारे पानी से।
नदी ने हस कर कहा – जब तक तुझमे मिठास न आ जाये।
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
एक मिनट में ज़िन्दगी नहीं बदलती,
पर एक मिनट सोच कर लिया गया फैसला,
पूरी ज़िन्दगी बदल देता है।
दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है।
अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो