"हर असहमत आदमी से संवाद ज़रूरी है..!"
इसी कशमकश में गुजर जाता है दिन
कि तुमसे बात करूं
या तुम्हारी बात करूं
जिसने अपनी इच्छाओं पर काबू पा लिया,
उस मनुष्य ने जीवन के दुखों पर काबू पा लिया..!!
ये सिलसिला क्या यूँ ही चलता रहेगा,
सियासत अपनी चालों से कब तक किसान को छलता रहेगा.
अपनी छवि का ध्यान रखें
क्यूंकि इसकी आयु आपकी आयु से कहीं ज्यादा होती है