मुस्कुराना एक कला है
जिसने इस कला को सीख लिया
वो जीवन में कभी दुखी हो ही नहीं सकता
बुराई को देखना और सुनना ही
बुराई की शुरुआत है
संकट के समय धैर्य धारण करना
मानो आधी लड़ाई जीत लेना है
आज भी मेरी फरमाइशें कम नही होती,
तंगी के आलम में भी, पापा की आँखें कभी नम नहीं होती.