अगर आप नेक इंसान हो और लोग आपको बुरा कहे तो चलेगा,
क्यूँकि यह इससे कही अच्छा है कि तुम बुरे हो और लोग तुम्हें अच्छा कहे.
जब हम गलत होते हैं,
तो समझौता चाहते हैं
और दूसरे गलत होते हैं...तो
हम न्याय चाहते हैं।
भूल होना प्रकृति है,
मान लेना संस्कृति है,
और सुधार लेना प्रगति है।
सुप्रभात
सृष्टि का एक नियम हैं
जो बांटोंगे
वही आपके पास
बेहिसाब होगा
फिर वह चाहे
धन हो , अन्न हो
सम्मान हो , अपमान हो
नफरत हो
या
प्रेम
सु-प्रभात
स्वास्थ ही असली सोना हैं,जो स्वस्थ नहीं उसे जीवन भर रोना हैं.
स्वास्थ ही असली सोना हैं,
जो स्वस्थ नहीं उसे जीवन भर रोना हैं.