कुछ रिश्ते बस online होते हैं,जो नेट बंद होते ही टूट जाते हैं,पर कुछ रिश्ते offline होने पे भी आपके साथ रहते हैं,फॅमिली उन्हीं रिश्तों से बनती है।
कुछ रिश्ते बस online होते हैं,
जो नेट बंद होते ही टूट जाते हैं,
पर कुछ रिश्ते offline होने पे भी आपके साथ रहते हैं,
फॅमिली उन्हीं रिश्तों से बनती है।
एक आस, एक एहसास, मेरी सोच और बस तुम,एक सवाल, एक मजाल, तुम्हारा ख़याल और बस तुम,एक बात, एक शाम, तुम्हारा साथ और बस तुम,एक दुआ, एक फ़रियाद, तुम्हारी याद और बस तुम,मेरा जूनून, मेरा सुकून बस तुम और बस तुम
अगर आप नेक इंसान हो और लोग आपको बुरा कहे तो चलेगा,
क्यूँकि यह इससे कही अच्छा है कि तुम बुरे हो और लोग तुम्हें अच्छा कहे.
यदि आप डर पर विजय पाना चाहते हैं तो घर बैठे उसके बारे में सोचिये मत. बाहर निकालिए और अपने काम मे व्यस्त हो जाइये।
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते..
लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता हैं.