याद बहुत आता है मुझे बचपन का ज़मानादादा जी का मुझ को वो रोते-रोते हँसानामालूम है चले गए हो बहुत दूर लेकिन दादा जीहक़ीक़त में ना सही सपनों में तो चले आना
याद बहुत आता है मुझे बचपन का ज़माना
दादा जी का मुझ को वो रोते-रोते हँसाना
मालूम है चले गए हो बहुत दूर लेकिन दादा जी
हक़ीक़त में ना सही सपनों में तो चले आना
क्या आपको पता है....❓
😡क्रोध का पूरा खानदान है..😡
क्रोध की एक लाडली बहन है
II ज़िद ॥
क्रोध की पत्नी है
॥ हिंसा II
क्रोध का बडा भाई है
॥ अंहकार ॥
क्रोध का बाप जिससे वह डरता है
॥ भय ॥
क्रोध की बेटिया हैं
॥ निंदा और चुगली ॥
क्रोध का बेटा है
॥ बैर ॥
इस खानदान की नकचडी बहू है
॥ ईर्ष्या॥
क्रोध की पोती है
॥ घृणा ॥
क्रोध की मां है
॥ उपेक्षा ॥
और क्रोध का दादा है
।। द्वेष ।।
तो इस खानदान से हमेशा
दूर रहें और हमेशा खुश रहो।
|||| "ये ही सत्य हैं" |||||
जब भक्ति भोजन में मिलती है, तो प्रसाद बन जाता है,
जब पानी में मिलती है, तो चरणामृत बन जाता है,
जब घर में मिलती है, तो मंदिर बन जाता है,
जब व्यक्ति में मिल जाता, तो वह भक्त बन जाता है।
किसान के पास पैसे कम हो सकते हैं और बहुत सारी समस्याएँ भी हो सकती हैं पर वो स्वस्थ होता हैं और रात में चैन से सोता हैं.
अनाज दिन ब दिन महंगा होता जा रहा है, लेकिन उसे उपजाने वाला किसान गरीब होता जा रहा है।
मैं किसान हूँ मुझे भरोसा हैं अपने जूनून पर
निगाहे लगी हुई है आकाश के मानसून पर.
किसान सबसे सुखी हो सकता हैं यदि वो शिक्षित हो जाएँ..
सपने तो मेरे थे पर उनको पूरा करने का रास्ता
कोई और दिखाए जा रहा था और वो थे मेरे पापा….