इस कदर तुझ से प्यार हुआ,की हम बन बैठे आशिकतुम ही बता दो ए बेवफा,क्या कमी थी मेरे प्यार में आखिर….
इस कदर तुझ से प्यार हुआ,
की हम बन बैठे आशिक
तुम ही बता दो ए बेवफा,
क्या कमी थी मेरे प्यार में आखिर….
“तुम आए ज़िंदगी मे कहानी बन कर,
तुम आए ज़िंदगी मे रात की चाँदनी बन कर,
बसा लेते है जिन्हे हम आँखो मे,
वो अक्सर निकल जाते है आँखो से पानी बन कर”
खामोश चेहरे पर हजार पहरे होते है,हंसती आंखों में भी जख्म गहरे होते है,जिनसे अक्सर रूठ जाते है हम,असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है!
हुकुमत वो ही करता है जिसका दिलो पर राज हो!!
वरना यूँ तो गली के मुर्गो के सर पे भी ताज होता है!!
Kaise Ek Laphz Mein Bayaan Kar Doon Dil Ko Kis Baat Ne Udaas Kiya