ना पूछो मुझसे मेरी पहचान ….
मैं तो भस्मधारी हूँ …
भस्म से होता जिनका श्रृंगार
मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ….
हर हर महादेव 🙏🙏🙏
ज़िन्दगी के हाथ नहीं होते..
लेकिन कभी कभी वो ऐसा थप्पड़ मारती हैं जो पूरी उम्र याद रहता हैं.
पी के भांग जमा लो रंग
जिन्दगी बीते ख़ुशियों के संग
लेकर नाम शिव भोले का
दिल में भर लो शिवरात्रि की उमंग !
यदि आप डर पर विजय पाना चाहते हैं तो घर बैठे उसके बारे में सोचिये मत. बाहर निकालिए और अपने काम मे व्यस्त हो जाइये।
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए,
जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए|