तेरे दरबार में आकर, ख़ुशी से फूल जाता हूँ..
गम चाहे कैसा भी हो, मै आकर भूल जाता हूँ..
बताने बात जो आऊ, वही मै भूल जाता हूँ..
ख़ुशी इतनी मिलती है कि, मांगना भूल जाता हूँ..हर हर महादेव 🙏🙏🙏
ये सिलसिला क्या यूँ ही चलता रहेगा,
सियासत अपनी चालों से कब तक किसान को छलता रहेगा.
गुझिया की महक आने से पहले
रंगों में रंगने से पहले
होली के नशे में डूबने से पहले
हम आपसे कहते है
हैप्पी होली सबसे पहले
क्रोध हवा का वह झोंका है
जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है
रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हें
तोड़ना मत क्योंकि पानी चाहे
कतना भी गंदा हो अगर
प्यास नहीं बुझा सकता
पर आग तो बुझा सकता है
सारा जगत है प्रभु तेरी शरण में
सर झुकाते हैं शिव तेरे चरण में
हम बनें भोले की चरणों की धूल
आओ शिव जी पर चढ़ायें श्रद्धा के फूल