रात का अंतिम ख्याल,सुबह की प्रार्थना सा,साथ रहती हो तुम l'हाँ' सपनों में नहीं आती,मुझे कभी-कभी सोने,भी नहीं देती हो तुम l
Magar
rani sirf badsah ki hi hoti haii..
हर रात को तुम इतना
याद आते हो के हम भूल गए हैं,
के ये रातें ख्वाबों के लिए होती हैं,
या तुम्हारी यादों के लिए|
Ek khubsurat khwab ho aap,
Dil ko chhu jane wala ehsaas ho aap,
Apko kya de gulab hum
Gulabo me khubsurat gulab ho aap.
बात दिन की नहीं, अब रात से डर लगता है
घर है कच्चा मेरा बरसात से डर लगता है
प्यार को छोड़ कर तुम और कोई बात करो
अब मुझे प्यार की हर बात से डर लगता है