आता हूँ महाकाल तेरे दर पे, अपना शिर्ष झुकाने को,
100 जन्म भी कम हैं भोले, अहेसान तेरा चुकाने को।
Kuch Nasha To Aapki Baat Ka HaiKuch Nasha To Dheemi Barsaat Ka HaiHumein Aap Yun Hi Sharabi Na KahiyeIs Dil Par Asar To Aap Se Mulakat Ka Hai.
Badal jab garajte hain, dil ki dharkan badh jati hai,
Dil ki har ek dharkan se awaz tumhari aati hai.
मौसम था बेकरार तुम्हें सोचते रहे,कल रात बार बार तुम्हें सोचते रहेबारिश हुई तो लग कर घर के दरवाजे से हमचुप चाप बेकरार तुम्हें सोचते रहे...
ऐ सावन की बारिश जरा थम के बरसजब मेरा सनम आ जाए तो जम के बरसपहले ना बरस कि वो आ न सकेजब वो आ जाए तो इतना बरस कि वो जा न सके