वैसे दुश्मनी तो हम -कुत्ते- से भी नहीं करते है
पर बीच में आ जाये तो -शेर- को भी नहीं छोड़ते
अगर तुम अपने पापा की “परी”हो, तो हम भी अपने बाप के “नवाब” है !
बे-फिजूली की जिंदगी का सिल-सिला ख़त्म,जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम।
भाभी किसकी बनेगी, ये तो वक़्त आने पे बताएँगे. लाइन तुम मार लो बेटा..पटा कर हम ले जाएँगे..!!
कही से ये फिजा आई
ग़मों की धुप संग लायी
खफा हो गये हम, जुदा हो गये हम....