रोज़ ढलती हुई शाम से डर लगता है
अब मुझे प्यार के अंजाम से डर लगतां है
जब से तुमने मुझे धोखा दिया
तबसे मोहब्बत के नाम से भी डर लगता है |
रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं.
रात है काफ़ी, ठंडी हवा चल रही है,
याद में आपकी किसी की मुस्कान खिल रही है,
उनके सपनो की दुनिया में आप खो जाओ,
आँख करो बंद ओर आराम से सो जाओ
आपके होठों पे मुस्कान भेज दूँ,आपके पास अपनी यादें भेज दूँ,सोने का हुआ है वक्त अभी,आपके लिए प्यारा सा ख्वाब भेज दूँ.Good Night.
कितनी जल्दी ज़िन्दगी गुज़र जाती है,प्यास भुझ्ती नहीं बरसात चली जाती है,तेरी याद कुछ इस तरह आती है,नींद आती नहीं मगर रात गुज़र जाती है।