आपकी आहट दिल को बेकरार करती है,नज़र तलाश आपको बार-बार करती है,गिला नहीं जो हम हैं इतने दूर आपसे,हमारी तो जुदाई भी आपसे प्यार करती है।
आपकी आहट दिल को बेकरार करती है,
नज़र तलाश आपको बार-बार करती है,
गिला नहीं जो हम हैं इतने दूर आपसे,
हमारी तो जुदाई भी आपसे प्यार करती है।
वह अपने करम उँगलियों पर गिनते हैं,
पर ज़ुल्म का क्या जिनके कुछ हिसाब नहीं
हम दूर तक यूँ ही नहीं पहुंचे ग़ालिब ,
कुछ लोग कन्धा देने आ गए थे...
कमाल की निशानेबाज हो तुम
तिरछी नजर से भी सीधा दिल पे वार करती हो
“हर साल आता है,हर साल जाता है,इस साल आपको,वो सब मिलेजो आपकादिल चाहता है,नव वर्ष 2018 की मँगल कामनाएँ”