तू मुहब्बत है मेरी इसलिए दूर है मुझसे
अगर जिद होती तो अब तक बाँहों में होती
तुम इक घड़ी, इक पल, इक लम्हा..मेरे साथ बिताने का वादा तो करो..मैं हँस कर कई साल, कई सदियाँ...कई जिंदगी तुम्हारा इंतजार कर लूँगा.!!
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता
है एक रंग नया सा, रूप नया सादिल में है आज एहसास नया सा
नयी चाहते हैं और नयी उमंगेंमन में है एक ख्वाब नया सा
नयी है साल, नया हैं दिनरखो अंदाज़ ऐसे जीने का प्यारा सा
नया साल मुबारक हो