पूछते हैं मुझसे की शायरी लिखते हो क्यों,
लगता है जैसे आईना देखा नहीं कभी।
Pal Pal Se Banta Hai Ehasas,
Ehsas Se Banta Hai Vishvas,
Vishvas Se Bante Hai Rishte,
Aur Rishte Se Banta Hai Koi Khas, Jaise Aap.
चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,सांसों में मेरी खुशबु बनके बिखर जाते हो,कुछ यूँ चला है तेरे इश्क का जादू,सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।
चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,
सांसों में मेरी खुशबु बनके बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे इश्क का जादू,
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।
Dekho fir raat aa gai,
Good Night kahne ki bat yaad aa gai,
Hum baithe the sitaro ki panah mein,
Chand ko dekha to aap ki yaad aa gai.
उनका भी कभी हम दीदार करते है,उनसे भी कभी हम प्यार करते है,क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी,पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते है..!!