बर्बाद कर दिया मुझे,
तेरी इन मस्त निगाहों ने,
सौ साल जी लेते,
अगर दीदार-ऐ-हुस्न तेरा ना किया होता…
मेरी यादों में तुम हो या मुझ में ही तुम हो,
मेरे ख़यालों में तुम हो या ख़याल ही तुम हो,
दिल मेरा धड़क के बार बार ये पूछे,
मेरी जान में तुम हो या मेरी जान ही तुम हो!!
हमारी हर रात तम्हारे साथ हो,
ओर प्यार मोहब्बत की बात हो,
हम लेले तुम को बाँहों में अपनी,
फिर बताये तुम ही ज़िन्दगी तुम ही हमारी कैनाथ हो,
गुड नाईट डिअर…
हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो।