नौकरानी (मालकिन से) : मेमसाब, जल्दी आइए। पड़ोस की तीन औरतें बाहर बाहर आपकी सास की पिटाई कर रही हैं।
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मालकिन गैलरी में आकर देखने लगी।
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नौकरानी : आप उनकी मदद करने नहीं जाएंगी?
मालकिन : नहीं रहने दो! तीन ही काफी हैं।
मालिक: अभी तक तुझ से मच्छर नहीं मरे ?
मेरे कानों में गुनगुना रहे हैं |
नौकर: साहब, मैंने मच्छर मार दिए हैं,
ये तो उनकी बीवियां हैं जो विधवा हो कर रो रहीं हैं |
Na Papa ki maar se,Na Dosto ki fatkaar se,Na ladki ke inkar se,Na chaplo ki bauchhar se,Aashiq sudhrenge to sirf RAKHI ke tyohaar se...
लोगों को पता नहीं कैसे सच्चा
प्यार मिल जाता है...
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हमें तो सुबह पलंग के नीचे
उतारी चप्पल नहीं मिलती।
😝😝
साला इतनी गर्मी पड़ रही हैं कि...अब तो कीचड़ मे पड़े कुत्तों को भी देखकर जलन होने लगती हैं