नागपंचमी की हार्दिक शुभकामनाये
पैसे से बिस्तर खरीदा जा सकता है, नींद नहीं
पैसे से महल खरीदा जा सकता है लेकिन खुशियाँ नहीं
जब भक्ति भोजन में मिलती है, तो प्रसाद बन जाता है,
जब पानी में मिलती है, तो चरणामृत बन जाता है,
जब घर में मिलती है, तो मंदिर बन जाता है,
जब व्यक्ति में मिल जाता, तो वह भक्त बन जाता है।
दूसरों के काम बिगाड़ने
वाले लोग एक ढूढ़ने पर
हजारों मिल जाते हैं,
लेकिन दूसरों के काम
बनाने वाला हजारों में
कोई एक होता है. दूसरों
के काम बनाने वाले बनिए
और अगर किसी की मदद
नहीं कर सकते हैं तो, उसकी
राह में रोड़े अटकाने वाले
मत बनिए
भय से तब तक ही डरना चाहिये जब तक भय (पास) न आया हो। आये हुए भय को देखकर बिना शंका के उस पर् प्रहार् करना चाहिये।