मौसम की नजाकत है
हसरतों ने पुकारा है
कैसे कहे की कितना याद करते है
यह संदेश उसी याद का एक इशारा है
बसंत पंचमी की शुभकामनाएं
लो बसंत फिर आई, फूलों पर रंग लायी,
बजे जल तरंग मन पर उमंग छायी लो वसंत फिर आई।
उमंग दिल में और आँखों में है प्यार
खुशियाँ लेकर आया बसंत का त्योंहार
शरद की फुहार, किरणें सूरज की
हो शुभकामना आपको बसंत की
हलके-हलके से हो बादल, खुला-खुला सा आकाश,
मिल कर उड़ाएं पतंग अमन की,
आओ फैलायें खुशियों का पैगाम।
बसंत पंचमी की शुभकामनाएं!
पीले पीले सरसों के फूल, पीली उड़े पतंग,
रंग बरसे पीला और छाये सरसों सी उमंग।
आपके जीवन में रहे सदा बसंत के रंग।
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
हैप्पी बसंत पंचमी।