रात गुमसुम हैं मगर चाँद खामोश नहीं,कैसे कह दूँ फिर आज मुझे होश नहीं,ऐसे डूबा तेरी आँखों के गहराई में आज,हाथ में जाम हैं,मगर पिने का होश नहीं.
सो जाओ सो जाओ
मुझे Good Night कहे बिना सो जाओ
रात की रानी आएगी, धक्का देकर जाएगी
बिस्तर से आपको गिराएगी
फिर सारी नींद उड़ जाएगी
ए पलक तु बन्द हो जा,ख्बाबों में उसकी सूरत तो नजर आयेगी,इन्तजार तो सुबह दुबारा शुरू होगी,कम से कम रात तो खुशी से कट जायेगी|
ये सुंदर सी रात है भरपूर तारो की बारात है
हवा बहुत ही गुन गुन है मौसम भी खुब बुल बुल है
इस लवली लवली नाईट मे.
शुभ रात्रि!