जब हम गलत होते हैं,
तो समझौता चाहते हैं
और दूसरे गलत होते हैं...तो
हम न्याय चाहते हैं।
भूल होना प्रकृति है,
मान लेना संस्कृति है,
और सुधार लेना प्रगति है।
सुप्रभात
पूरे संसार में ईश्वर ने
केवल इंसान को ही मुस्कुराने का गुण दिया है
इस गुण को खोइए मत
तेरे पास में बैठना भी इबादत
तुझे दूर से देखना भी इबादत …….
न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा
तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत….
डॉक्टर-कल रात को क्या खाया था..??लड़का-बर्गर, पिज़्ज़ा और कोक..डॉक्टर-देखो ये फेसबुक नही है सच बताओ...लड़का- जी लौकी....
तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था
खबर तो रहती….सफर तय कितना करना है