कितना भी पकड़ो फिसलता जरूर है
ये वक्त है साहब बदलता जरूर है
अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
किसी ने मुझे कहा की तुम हर रोज,
सुबह सुप्रभात करके सबको याद करते हो,
तो क्या वो भी तुम्हे याद करते है मेंने कहा,
मुझे रिश्ता निभाना है मुकाबला नहीं करना!
Good Morning
आसमां पे ठिकाने किसी के नहीं होते !
जो ज़मीं के नहीं होते वो कहीं के नहीं होते !
सुप्रभात ॥
वजह की तलाश में। . वक़्त न गवाया करो
बेवजह बेपरवाह बेझिझक बस मुस्कराया करो।
गुड मॉर्निंग