लोगों ने कुछ दिया
तो सुनाया भी बहुत है,
हे माँ दुर्गे !
एक तेरा ही दर है
जहाँ मुझे कभी ताना नहीं मिला
उम्र ने तलाशी ली, तो जेबों से लम्हे बरामद हुए..कुछ ग़म के, कुछ नम थे, कुछ टूटे, कुछ सही सलामत थे..
अगर तू Attitude दिखाएगा ना
तो मैं भी भाव नहीं दूँगी,
और अगर चान्स मारेगा ना तो
मैं ध्यान नहीं दूँगी!!
ना गिन कर दिया
ना तोल कर दिया,
जब भी दिया
शेरोंवाली माँ ने,
दिल खोल कर दिया…
जय शेरोंवाली माँ