तेरे सिवा कौन समा सकता है मेरे दिल में……रूह भी गिरवी रख दी है मैंने तेरी चाहत में !!
साधू:-बच्चा, तुझे स्वर्ग मिलेगा,लाओ कुछ दक्षिणा दे जाओ।लड़का:-ठीक है दक्षिणा में आपको मैंने दिल्ली दी।आज से दिल्ली आपकी हुई।साधू :-दिल्ली क्या तुम्हारी है ?जो मुझे दे रहे हो।लड़का :-तो स्वर्ग क्या तेरे बाप ने खरीद रखा है,जो तू उधर के प्लाट यहाँ बांट रहा है।
हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का,
कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने !
सारा जगत है प्रभु तेरी शरण में
सर झुकाते हैं शिव तेरे चरण में
हम बनें भोले की चरणों की धूल
आओ शिव जी पर चढ़ायें श्रद्धा के फूल