हवाओं के साथ अरमान भेजा है
नेटवर्क के जरिए पैगाम भेजा है
फुर्सत मिले तो काबुल कर लेना
हमने आपको सबसे पहले
🌺 नवरात्रि🌺
🐚🐚का पैगाम भेजा है 🐚🐚
कोई मिला नहीं तुम जैसा आज तक,पर ये सितम अलग है की मिले तुम भी नही
इश्क का होना भी लाजमी है शायरी के लिये..कलम लिखती तो दफ्तर का बाबू भी ग़ालिब होता।
शिकवा भी होगा हमसे शिकायत भी होगी,
पर दोस्त से गिला किया नहीं करते।
हम अच्छे नहीं बुरे ही सही,
तुम्हें वैलेंटाइन मुबारक हो,
लेकिन हम जैसा दोस्त मिला नहीं करते।।