क्रोध हवा का वह झोंका है
जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है
रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हें
तोड़ना मत क्योंकि पानी चाहे
कतना भी गंदा हो अगर
प्यास नहीं बुझा सकता
पर आग तो बुझा सकता है
दैनिक भास्कर बहुत अच्छा अखबार है कचोरी का पूरा तेल सोख लेता है|
जिंदगी में तपिश कितनी भी हो कभी हताश मत होना
क्योंकि धूप कितनी भी तेज हो समंदर कभी सूखा नहीं करते
तकदीर के हाथों खुद को में जोड़ना नहीं चाहता,
मेरे दो हाथो का होसला में तोडना नहीं चाहता,
मौसम की तरह बदल जाती ये हाथो की लकीरें,
बंद मुट्ठी मेरी हरगिज़ मैं खोलना नहीं चाहता।
लड़का (रोमांटिक अंदाज में):
जान देखो,
मैं तुम्हारी जुल्फों के लिए क्या लाया हूं……?
लड़की :
सो स्वीट…!! क्या लाए…..?? O.o
लड़का : जूं निकालने वाली कंघी…..!