जो नजरो का हुआ मिलना लब तेरे भी मुस्कुराये थे,ईश्क के हर जूर्म में मेरे तेरी मोहोब्बत के साये थे,मेरी हर रात में सजनी तेरी सेजो के साये थे,रात को ख्वाब में मेरे ख्वाब तेरे मिलने आये थे।
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही,इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यों नही।
रात का चाँद आसमान में निकल आया है.साथ में तारों की बारात लय है.ज़रा आसमान की ओर देखो वो आपको..मेरी और से गुड नाईट कहने आया है.
चाँद तारो से रात जगमगाने लगी,
फूलों की खुश्बू से दुनिया महकने लगी,
सो जाइये रात हो गयी है काफ़ी,
निंदिया रानी भी आपको देखने है आने लगी