कितनी जल्दी ज़िन्दगी गुज़र जाती है,प्यास भुझ्ती नहीं बरसात चली जाती है,तेरी याद कुछ इस तरह आती है,नींद आती नहीं मगर रात गुज़र जाती है।
इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए,कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए,आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था,आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!
रात का चाँद आसमान में निकल आया है.साथ में तारों की बारात लय है.ज़रा आसमान की ओर देखो वो आपको..मेरी और से गुड नाईट कहने आया है.
दिल की किताब में गुलाब उनका था,रात की नींद में ख्वाब उनका था,कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा,मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था.
चाँद तारो से रात जगमगाने लगी,
फूलों की खुश्बू से दुनिया महकने लगी,
सो जाइये रात हो गयी है काफ़ी,
निंदिया रानी भी आपको देखने है आने लगी