ज़िन्दगी में दो चीज़ें कभी मत कीजिये,
झूठे आदमी के साथ प्रेम, और
सच्चे आदमी के साथ गेम।
आहिस्ता आहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानों का……
कहीं सपनों से लोगों का ऐतबार ना उठ जाए..
इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता
बस वक्त अच्छा और बुरा होता है
दो मुलाकात क्या हुई हमारी तुम्हारी,निगरानी में सारा शहर लग गया।
बडी लम्बी खामोशी से गुजरा हूँ मै,किसी से कुछ कहने की कोशिश मे।