एडमिन ने ढाबा खोला..
ग्राहक –
मेरी चाय मै मक्खी डूब कर मरी पड़ी है |
एडमिन –
तो क्या करू?
मै ढाबा चलाऊ या इन्हे तैरना सीखाऊँ |
जिंदगी में तपिश कितनी भी हो कभी हताश मत होना
क्योंकि धूप कितनी भी तेज हो समंदर कभी सूखा नहीं करते
मुस्कुराओ क्या गम है,
जिंदगी में टेंशन किसको कम है,
अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है,
जिंदगी का नाम ही.. कभी खुशी कभी गम है!!
नीतीश ने कहा शराब छोड़
दो,
बीजेपी ने कहा मांस छोड़
योगी ने कहा रोमांस छोड़ दो,
एक दिन मोदीजी अाकर बस ये कह दे कि बीवी को ही छोड़ दो..बस गर्लफ्रेंड रखो
माँ क़सम ज़िन्दगी भर मोदी को वोट देकर जिताउँगा रे..
तजुर्बे ने एक बात सिखाई है…एक नया दर्द ही…पुराने दर्द की दवाई है…!!