Shash Dil me bhar de Maa,
Jeevan Tyag Tapomar karde Maa,
Sayam Sneh ka bhar de Maa,
Maa Saraswati Jivan me Ullash Bhar de.
सूरज हर शाम को ढल ही जाता है
पतझड बसंत में बदल ही जाता हे
मेरे मन मुसीबत में हिम्मत मत हारना
समय कैसा भी गुजर ही जाता है
बसंत पंचमी की बधाई
हलके-हलके से हो बादल, खुला-खुला सा आकाश,
मिल कर उड़ाएं पतंग अमन की,
आओ फैलायें खुशियों का पैगाम।
बसंत पंचमी की शुभकामनाएं!
सहस शील हृदय में भर देजीवन त्याग से भर दे,संयम सत्य स्नेह का वर देमाँ सरस्वती आपके जीवन में उल्लास भर दे!
उड़े पतंग आस्मां में सबकी निराली
पीली, लाल, हरी, नीली और काली,
आओ मिलकर हम सब वसंत मनाएं,
द्वार पर अपने रंगीली रंगोली सजाएं।